जीवन में साहस वाले लोग ही कुछ असाधारण कर दिखाते हैं। हजारों मील तक फैले देश पर उनका ही सिक्का जमता है। विश्व इतिहास में उनका ही नाम अमर होता है। साहसी व्यक्ति की चाहे कोई कितनी भी आलोचना करे, उसे अपने नेतृत्व के बारे में संदेह नहीं होता है। उसकी प्रतिज्ञा भागीरथ की प्रतिज्ञा होती है। उसका हठ हमीर का हठ होता है। वे झिझकते नहीं, साहस नहीं गंवाते, अपने जीवन के विकास में आयी प्रत्येक बाधा को वह आंतरिक हो या बाह्य उखाड़ फेंकते हैं। वे कभी विचलित नहीं होते धीरे-धीरे उनकी शक्ति विराट् शक्ति का रूप धारण करती जाती है। उन्हें अपने निर्णय के ऊपर कभी संशय नहीं होता।
कठिन समय आए, सनसनीखेज घटनाएं हों जाएं, पूंजी समाप्त हो जाए, लोग निरूत्साहित करें, संगी साथी छोड़ जाएं, कुछ भी हो जाए, वे आत्मविश्वास में कभी क्मी नहीं आने देते। अपने भविष्य पर एकमात्र दृष्टि जमाए वे आगे बढ़ते जाते हैं।
उनकाआत्म विश्वास का पल्ला पकड़ते ही उनका अधिकार क्षेत्र असीमित हो जाता है व वे जितनी धन राशि चाहें लोग उनको देते हैं व खुशी से देते हैं।
इसलिए अटूट साहस का लेकर कोई भी लक्ष्य पथ पर अग्रसर हो सकता है।
साहस ही वह शस्त्र है जिससे सभी संकट कट जाते हैं। उद्देश्य पर मर मिटने की कसम खाने वाले सदा ही विजयी हुए हैं। शिक्षा संबंधी योग्यता, प्रभावशाली सिफारिश, ऊंचे वंश में जन्म, सौभाग्यशाली नक्षत्र में जन्म कुछ भी काम नहीं आता अगर आपमें साहस नहीं है।
Thursday, November 17, 2016
साहसी लोग
Wednesday, November 9, 2016
ईश्वर
Friday, October 28, 2016
इंसान
इंसान चार कमरो का मकान है जिसमे चार तल है
शारीरिक तल
भावात्मक तल
मानसिक तल
आध्यात्मिक तल
इसलिए जब भी किसी पार्टनर की तलाश करता है तो इन चारो तलो पर करता है
शारीरिक तल पर स्वस्थ
भावात्मक तल पर केयर और स्नेह
मानसिक तल पर समझ
और आध्यात्मिक तल पर स्वतंत्रता में सहयोगी
और अगर इन चारो तलो पर कोई पार्टनर मेल जाए तो निश्चित ही उसका जीवन स्वर्ग है
और यदि ऐसा न हो तो वही होगा जो आप ज्यादातर संबंधो में देखते है ...!!
अकसर कोई सुन्दर होता है तो वो अपनी सुंदरता को ही सब कुछ मान बैठता है
कोई भावात्मक रूप से अच्छा है तो वो अपने भाव के आधार पर ही सब पाना चाहता है और भूल ही जाता है कि शरीर का फिट होना भी ज़रूरी है
लेकिन इंसान को चहिये कि चारो तलो पर अपने को फिट रखे तभी जीवन को वास्तविक रूप से भोगा जा सकता है ...
Wednesday, October 26, 2016
शायरी
"ठोकरें खाता हूँ पर
शान" से चलता हूँ"
"मैं खुले आसमान के नीचे
सीना तान के चलता हूँ"
"मुश्किलें तो सच है जिंदगी का
आने दो- आने दो
"उठूंगा, गिरूंगा फिर उठूंगा और
आखिर में "जीतूंगा मैं" यह ठान के चलता हूँ"
Monday, October 24, 2016
सुविचार
_*गीता में साफ़ शब्दो मे लिखा है..*_
_*निराश मत होना..*_
_*कमजोर तेरा वक्त है..*_
_*तू नही........*_
_*ये संसार "जरूरत" के नियम पर चलता है....*_
_*सर्दियो में जिस "सूरज"*_
_*का इंतजार होता है,*_
_*उसी "सूरज" का गर्मियों में*_
_*तिरस्कार भी होता है.....*_
_*आप की कीमत तब तक होगी जब तक आपकी जरुरत है...!*_
*"तालाब एक ही है..,*
*उसी तालाब मे हंस मोती चुनता है और बगुला मछली...!*
*सोच सोच का फर्क होता है...!*
*आपकी सोच ही आपको बड़ा बनाती है...!!*
*यदि हम गुलाब की तरह खिलना*
*चाहते हो तो काँटों के साथ*
*तालमेल की कला सीखनी होगी*...
☀
*🌹हँसते रहिये हंसाते रहिये🌹*
*🌹सदा मुस्कुराते रहिये🌹*
*🐚☀🐚*
*🐾स्नेह वंदन🐾*
जिंदगी
प्यास लगी थी गजब की...
मगर पानी मे जहर था...
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.
बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!
वक़्त ने कहा.....काश थोड़ा और सब्र होता!!!
सब्र ने कहा....काश थोड़ा और वक़्त होता!!!
सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब...।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।
"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है और "किस्मत" महलों में राज करती है!!
"शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,
पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने,
वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता"..
अजीब सौदागर है ये वक़्त भी!!!!
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया....
अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ......
लौट आता हूँ वापस घर की तरफ... हर रोज़ थका-हारा,
आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ या काम करने के लिए जीता हूँ।
“थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी
मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे...!!”
भरी जेब ने ' दुनिया ' की पहेचान करवाई और खाली जेब ने ' अपनो ' की.
जब लगे पैसा कमाने, तो समझ आया,
शौक तो मां-बाप के पैसों से पुरे होते थे,
अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पुरी होती है। ...!!!
हंसने की इच्छा ना हो...
तो भी हसना पड़ता है...
.
कोई जब पूछे कैसे हो...??
तो मजे में हूँ कहना पड़ता है...
.
ये ज़िन्दगी का रंगमंच है दोस्तों....
यहाँ हर एक को नाटक करना पड़ता है.
"माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती...
यहाँ आदमी आदमी से जलता है...!!"
दुनिया के बड़े से बड़े साइंटिस्ट,
ये ढूँढ रहे है की मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं,
पर आदमी ये नहीं ढूँढ रहा
कि जीवन में मंगल है या नहीं।
मंदिर में फूल चढ़ा कर आए तो यह एहसास हुआ कि...
पत्थरों को मनाने में ,
फूलों का क़त्ल कर आए हम
गए थे गुनाहों की माफ़ी माँगने ....
वहाँ एक और गुनाह कर आए हम ।।
अगर दिल को छु जाये तो कमेन्ट जरूर करें
पैसा
वाह रे पैसा , तेरे कितने नाम !!!
मंदिर मे दिया जाये तो ( चढ़ावा ) ..,
स्कुल में ( फ़ीस ) ..
शादी में दो तो ( दहेज ) ..,
तलाक देने पर ( गुजारा भत्ता ) ..,
आप किसी को देते हो तो ( कर्ज ) ..,
अदालत में ( जुर्माना )..,.
सरकार लेती है तो ( कर ) ..,
सेवानिवृत्त होने पे ( पेंशन ) ..,
अपहर्ताओ के लिएं ( फिरौती ) ..,
होटल में सेवा के लिए ( टिप ) ..,.
बैंक से उधार लो तो ( ऋण ) ..,
श्रमिकों के लिए ( वेतन ) ..,
मातहत कर्मियों के लिए ( मजदूरी ) ..,
अवैध रूप से प्राप्त सेवा ( रिश्वत ) ..,
और मुझे दोगे तो ( 😄👌गिफ्ट
😍😋😋👌)
👉 *मैं पैसा हूँ:!* 👈
मुझे आप मरने के बाद ऊपर नहीं ले जा सकते; मगर जीते जी मैं आपको बहुत ऊपर ले जा सकता हूँ।
👉 *मैं पैसा हूँ:!* 👈
मुझे पसंद करो सिर्फ इस हद तक कि लोग आपको नापसन्द न करने लगें।
👉 *मैं पैसा हूँ:!* 👈
मैं भगवान् नहीं मगर लोग मुझे भगवान् से कम नहीं मानते।
👉 *मैं पैसा हूँ:!*👈
मैं नमक की तरह हूँ; जो जरुरी तो है मगर जरुरतसे ज्यादा हो तो जिंदगी का स्वाद बिगाड़ देता है।
👉 *मैं पैसा हूँ:!* 👈
इतिहास में कई ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे जिनके पास मैं बेशुमार था; मगर फिरभी वो मरे और उनके लिए रोने वाला कोई नहीं था।
👉 *मैं पैसा हूँ:!* 👈
मैं कुछ भी नहीं हूँ; मगर मैं निर्धारित करता हूँ; कि लोग आपको कितनी इज्जत देते है।
👉 *मैं पैसा हूँ:!* 👈
मैं आपके पास हूँ तो आपका हूँ:! आपके पास नहीं हूँ तो; आपका नहीं हूँ:! मगर मैं आपके पास हूँ तो सब आपके हैं।
👉 *मैं पैसा हूँ:!* 👈
मैं नई नई रिश्तेदारियाँ बनाता हूँ; मगर असली औऱ पुरानी बिगाड़ देता हूँ।
👉 *मैं पैसा हूँ:!*👈
मैं सारे फसाद की जड़ हूँ; मगर फिर भी न जाने क्यों सब मेरे पीछे इतना पागल हैं:?।
🙏*विचार कीजिए* 🙏
